अब मैं... न किसी के बदल जाने पर हैरान होता हूँ, न किसी के साथ रहने की… — Gulzar Talks ( Hindi Shayari ) — TG.ME

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अब मैं...
न किसी के बदल
जाने पर हैरान होता हूँ,

न किसी के साथ रहने
की उम्मीद रखता हूँ...!!


मैंने बस इतना समझ लिया है
कि – रिश्ते शब्दों से नहीं,

व्यवहार से जीवित रहते है
और जब व्यवहार बदल जाए,
तब खामोशी ही
सबसे सच्चा उत्तर होती है..!!
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कई लोग थे जो आज साथ नहीं हैं
कई लोग हैं कल साथ नहीं होंगे...!!
🙏
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August 1, 2026 4.4K 37