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दूँगा जवाब भी,
पहले थोड़ा काम करने दो,
बताऊँगा कौन कितने पानी में है,
थोड़ा नाम करने दो..
कमाऊँगा बेहिसाब दौलत,
अभी थोड़ा इंतज़ाम करने दो,
मेरे मुक़द्दर को भी ज़रा
अपना एक मुकाम करने दो....
जो आज नसीहतों के
बाज़ार में मुझे तौल रहे हैं,
कल वही लोग मेरी कामयाबी
का एहतराम करने दो....
मैंने रातों को बेचकर ही
सुबह की कीमत समझी है,
अभी मेरी मेहनत को ज़रा
अंजाम करने दो....
लफ़्ज़ों से नहीं,
किरदार से पहचान बनेगी मेरी,
अभी वक़्त को मेरा
थोड़ा-सा गुलाम होने दो...!!🥹🙏
चूल्हा फूंकती माँओं के
आँचल में पले हैं हम,
हमने अगर हार मान ली
तो उजाले कौन करेगा ??🥹🫂





