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मरने की तारीख अगर तय
होती' तो शायद
औरत चार रोटी
और बनाकर मरती...!!
और पुरुष शायद और
पैसा कमाकर मरता...!! 🥹🫂
मतलबः
एक महिला (विशेषकर माँ या पत्नी)
अपनी आखिरी घड़ी में भी खुद से
पहले अपने परिवार के खाने-पीने
और उनकी परवाह की चिंता करती है।
वह सोचती है कि उसके जाने के बाद परिवार भूखा न रहे।
पुरुष के लिए: "और पुरुष शायद और पैसा
कमाकर मरता !!" मतलबः
एक पुरुष पर समाज हमेशा परिवार का पेट
पालने और आर्थिक रूप से मजबूत होने का
दबाव रखता है। इसलिए, अपनी मौत का वक्त
करीब जानकर भी वह अपनी आराम की
परवाह किए बिना परिवार के भविष्य के लिए
कुछ और पैसे जोड़कर जाने की कोशिश
करता...!! 🙏





