कभी-कभी आँसू कमजोरी नहीं होते,
वे उन भावनाओं का रास्ता होते हैं जिन्हें हम बहुत समय से भीतर दबाए हुए थे।
सबसे गहरी चोट अक्सर वहीं से मिलती है,
जहाँ हमने बिना किसी डर के अपना दिल रखा था।
लेकिन हर दर्द को ढोते रहना भी ज़रूरी नहीं।
कुछ रिश्तों को माफ़ करके छोड़ देना पड़ता है,
ताकि मन में अपने लिए थोड़ी जगह बची रहे।
डॉ. धीर सिंह धाभाई
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2August 18, 2026 8.1K 6 17