*जीवन कोई दौड़ नहीं है*
कभी-कभी हम दूसरों से आगे निकलने की इतनी जल्दी में होते हैं कि यह भूल जाते हैं कि हमें जाना कहाँ है।
इसलिए अपनी जिंदगी को दूसरों की जिंदगी से मत तौलो।
तुम्हें किसी को हराना नहीं है,
तुम्हें बस अपने भीतर के उस इंसान तक पहुँचना है,
जिसे बनने का सपना तुमने कभी देखा था।
दौड़ में सबसे आगे होना जरूरी नहीं,
अपनी यात्रा को महसूस करते हुए आगे बढ़ना जरूरी है।
“मैं किसी से आगे निकलने नहीं,
अपनी जिंदगी को महसूस करने आया हूँ।”
डॉ. धीर सिंह धाभाई
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53August 29, 2026 3.8K 5 5