❖ आमेर शासक पृथ्वीराज कछवाह के समय रामानुज संप्रदाय के अनुयायी कृष्णदास पयहारी (अनंतानंद के शिष्य) ने कापालिक संप्रदाय के योगी चतुरनाथ को शास्त्रार्थ में पराजित किया।
❖ इसके बाद उन्होंने 1503 ई. में गलताजी (जयपुर) में रामानन्दी संप्रदाय की प्रधान पीठ स्थापित की। विशिष्टाद्वैत की प्रमुख पीठ होने के कारण इसे उत्तरतोत्रादि पीठ, गलता को गालव ऋषि की♥️👍

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