चंद्रसेन ने जब अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की थी तब 1572 में अकबर ने राय सिंह को जोधपुर का प्रशासक नियुक्त कर दिया
रायसिंह को अकबर ने 4000 का मनसब दिया था,
जबकि जहांगीर ने रायसिंह को 5000 का मनसब दिया था,
1574 मैं रायसिंह महाराजाधीराज कि उपाधि के साथ गद्दी पर बैठा था
1581 मैं काबुल अभियान
1585 मैं बलूचिस्तान अभियान
1593 मैं थट्टा अभियान
1604 मैं नूरपुर और शम्साबाद कि जागीर रायसिंह को दी गई थी
1609 मैं रायसिंह को दक्षिण अभियान पर भेजा गया था जहां 1612 मैं बुरहानपुर में मृत्यु हो गई थी
अक्सर सवाल रायसिंह से पूछे जाते हैं ❤️👍

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