> *फ़ज़ाइले जुम्आ़*
*अह़मद अबू दावूद व तिरमिज़ी ब इफ़ादए तहसीन व नसाई व इब्ने माजह व इब्ने ख़ुजै़मा व इब्ने ह़िब्बान व ह़ाकिम ब इफ़ादए तस्दीह औस बिन औस और तबरानी औस़त में इब्ने अ़ब्बास رَضِ اللَّهُ عَنْهُم से रावी, कि फ़रमाते हैं صَلَّى اللهُ تَعَالٰى عَلَيْهِ وَسَلَّم :*
> *"जो नहलाए और नहाए और अव्वल वक़्त आए और शुरूए़ ख़ुत्बा में शरीक हो और चल कर आए सुवारी पर न आए और इमाम से क़रीब हो और कान लगा कर ख़ुत्बा सुने और लग़्व काम न करे, उस के लिये हर क़दम के बदले साल भर का अ़मल है, एक साल के दिनों के रोज़े और रातों के क़ियाम का उसके लिए अज़्र है ।*
अह़मद बिन ह़म्बल, जिल्द 5, 16173
बहारे शरीअ़त, जिल्द 1, ह़िस्सा 4, स. 760
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💚 हमारा प्यारा इस्लाम 💚
1March 26, 2026 684