@pyara_islam_786 · 787 subscribers
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*हमें समझाना नहीं आता…* यक़ीनन यह बात बहुत अहम है कि हमें किसी की ग़लती की इस्लाह करने का सही तरीक़ा नहीं आता। कई बार सामने वाला ग़लती पर होता है और हमारी बात भी दुरुस्त होती है, लेकिन समझाने के अंदाज़ में कमी रह जाती है। नतीजा यह होता है कि इस्लाह होने के बजाय मामला और बिगड़ जाता है। ग़लती बतान…
🎙️ MUFTI MOHSIN EHSANI MISBAHI.
दर्स का आग़ाज़ हो चुका है। वक़्त की क़ीमत समझिए और जल्द से जल्द क्लास में शामिल हो जाइए—इल्म की महफ़िल का कोई अहम लम्हा छूटने न पाए।...🌹
दर्स *Time* से 2 मिनट पहले क्लास में ज़रूर जुड़ें। *इसे सिर्फ़ पढ़कर न छोड़ें, किसी एक आशिक़-ए-आला हज़रत तक ज़रूर पहुँचाएँ।* आला हज़रत से *मुहब्बत क्यों.?* यह सवाल सिर्फ़ जज़्बात का नहीं, बल्कि इल्म और समझ का भी है। किसी बुज़ुर्ग से मुहब्बत का दावा करने से पहले यह जानना भी ज़रूरी है कि उनकी दीन क…
*108TH URS-E-AALA HAZRAT* 🌹 आज के इस मुबारक मौक़े पर *नियाज़ का एहतिमाम अपने घरों में* ज़रूर फ़रमाएँ और इस पैग़ाम को अपने अज़ीज़ों तक भी पहुँचाएँ। *🕰️ FATIHA KA WAQT: 02:38 MINUTE* जिस तक ये पैग़ाम पहुँचे, वो आगे भी पहुँचा दे। *मुहब्बत की ये याद दूसरों तक भी पहुँचाइए।* 🌹 — KHAIR-UL-AMAL