रमज़ान मुबारक के 03 घंटे बहुत क़ीमती हैं, पस अगर आप इनकी हिफाज़त करें… — ✨ हमारा प्यारा इस्लाम ✨ — TG.ME

*रमज़ान मुबारक के 03 घंटे बहुत क़ीमती हैं, पस अगर आप इनकी हिफाज़त करें तो ये 03 घंटे माहे रमज़ान के आख़िर तक 90 घंटे हो जाएंगे।*
ये तीन घंटे:
1️⃣ इफ़्तार का घंटा: इफ़्तारी जल्दी तैयार कीजिए और दुआ के लिए वक़्त निकालिए, क्योंकि रोज़ेदार की दुआ उस वक़्त रद्द नहीं होती। लिहाज़ा ख़ुद अपने लिए, अज़ीज़ों और मरहूमीन के लिए दुआ करें।
2️⃣ दूसरा घंटा: रात का आख़िरी घंटा। पस ख़ुदावंद-ए-आलम से ख़लवत करें, कि अल्लाह आवाज़ देता है: क्या कोई दरख़्वास्त करने वाला है कि मैं क़बूल करूँ? क्या कोई इस्तिग़फ़ार करने वाला है कि मैं उसको माफ़ कर दूँ? पस उस वक़्त तुम इस्तिग़फ़ार करो।
3️⃣ तीसरा घंटा: सुबह की नमाज़ के बाद से सूरज निकलने तक मुसल्ले पर बैठे रहना और ज़िक्र-ए-ख़ुदा करना।
ये 90 घंटे हैं, इन औक़ात को क़ीमती बनाएं, ज़िक्र-ए-ख़ुदा करें और ग़ीबत से दूरी इख़्तियार करें… नमाज़-ए-पंजगाना और नफ़्ल अदा करें, कि सिर्फ़ 30 दिन हैं और बहुत जल्दी गुज़र जाएंगे।
तीन दुआएँ पढ़ने के लिए याद कर लें:

1- اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ حُسْنَ الْخَاتِمَةِ
2- اللَّهُمَّ ارْزُقْنِي تَوْبَةً نَصُوحًا قَبْلَ الْمَوْتِ
3- يَا اللَّهُ يَا رَحْمٰنُ يَا رَحِيمُ، يَا مُقَلِّبَ الْقُلُوبِ، ثَبِّتْ قَلْبِي عَلَى دِينِكَ

*मजलिस अहले इस्लाम®*

*🖋️🇹🇷CHISTI UVESH🇹🇷*
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February 22, 2026 606