ह़दीस शरीफ़ - (पोस्ट न.293)* 📿 ज़िक्रुल्लाह का सवाब 📿 ¹...ह़ज़रते… — ✨ हमारा प्यारा इस्लाम ✨ — TG.ME

*ह़दीस शरीफ़ - (पोस्ट न.293)*
📿 ज़िक्रुल्लाह का सवाब 📿
¹...ह़ज़रते सय्यिदुना अ़ब्दुल्लाह बिन अ़म्र रद़ियल्लाहु तआ़ला अ़न्हु से मरवी है कि ताजदारे मदीना सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैही वसल्लम ने फरमाया;
*"...बेशक हर चीज़ की सफाई होती है और दिलों की सफाई अल्लाह का ज़िक्र है और ज़िक्रुल्लाह से बढ़ कर अल्लाह के अज़ाब से निजात (छुटकारा) दिलाने वाली कोई चीज़ नहीं।" सह़ाबए किराम عليهم الرضوان ने अ़र्ज़ किया, "...क्या अल्लाह की राह़ में जिहाद करना भी नहीं ?" फ़रमाया, "नहीं, अगचें मुजाहिद तलवार टूटने तक लड़ता रहे..."*
📗 अत्तरग़िब वत्तरहिब, जि. 2/254, रक़म 10

²...हज़रते सय्यिदुना अ़ब्दुल्लाह बिन बुसर रद़ियल्लाहु तआ़ला अ़न्हु फ़रमाते हैं कि एक शख़्स ने अ़र्ज़ किया, "या रसूलल्लाह صلى الله تعالى عليه واله وسلم ! इस्लामी अह़कामात मुझ पर कसीर हो गए हैं मुझे कोई ऐसी चीज़ के बारे में बताइये जिस को मैं मज़बूती से थाम लूं। "...इर्शाद फ़रमाया, *"तेरी जबान हमेशा ज़िक्रुल्लाह (अल्लाह के ज़िक्र) से तर रहा करे..."*
📗 तिर्मिज़ी शरीफ़, जि.5/245, रक़म 3386
📕 जन्नत में ले जानें वाले आ'माल : 413
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💚 Hamara Pyara Îslam 💚
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January 27, 2026 629