ह़दीस शरीफ़ - (पोस्ट न. 292)* *📿 ज़िक्रुल्लाह की बरकत 📿* ह़ज़रते… — ✨ हमारा प्यारा इस्लाम ✨ — TG.ME

*ह़दीस शरीफ़ - (पोस्ट न. 292)*
*📿 ज़िक्रुल्लाह की बरकत 📿*
ह़ज़रते सय्यिदुना अबू हुरैराह रद़ियल्लाहु तआ़ला अ़न्हु फ़रमाते हैं कि आक़ाए करीम सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैही वसल्लम मक्का के रास्ते पर सफ़र करते हुए एक पहाड़ से गुज़रे जिसे "जुमदान" कहा जाता था तो फ़रमाया, "इस जुमदान की सैर किया करो, मुफ़र्रिदून सब्क़त ले गए।" सह़ाबए किराम (अ़लैहिर्रह़्मतो व रिद़वान) ने अ़र्ज़ किया, "या रसूलअल्लाह ﷺ ! मुफ़र्रिदून से क्या मुराद है?" फ़रमाया, "अल्लाह عَزَّوَجَلَّ का कसरत से ज़िक्र करने वाले और वालियां।"
मुस्लिम शरीफ़, स. 1439, रक़म 2676

जबकि एक रिवायत में है कि सहाबए किराम عَلَيْهِمُ الرّضوان ने अर्ज किया, "या रसूलअल्लाह ﷺ ! मुफ़र्रिदून कौन हैं?" फ़रमाया, "पाबन्दी के साथ अल्लाह तआ़ला का ज़िक्र करने वाले, ज़िक्र उन के बोझ को कम कर देता है और वोह क़ियामत के दिन अल्लाह की बारगाह में हल्के हो कर ह़ाज़िर होंगे..."
📗 तिर्मिज़ी शरीफ़, जि.5/342, रक़म 3607
📕 जन्नत में ले जाने वाले आ'माल : 410
.
.
.
💚 Hamara Pyara Îslam 💚
January 27, 2026 474