ज़िना का बयान (पोस्ट न.288) *ह़ज़रते सय्यिदुना अबू हुरैराह… — ✨ हमारा प्यारा इस्लाम ✨ — TG.ME

ज़िना का बयान (पोस्ट न.288) *ह़ज़रते सय्यिदुना अबू हुरैराह रद़ियल्लाहु तआ़ला अ़न्हु से रिवायत है कि सय्यिदे आ़लम, नूरे मुजस्सम सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैही वसल्लम का फ़रमान है:* > "इब्ने आदम पर ज़िना का जो ह़िस्सा लिख दिया गया है वोह उसे ज़रूर पाएगा, (यानी ऐसा करेगा तो वोह ज़िना करना होगा) आंखों का ज़िना (गै़र मह़रम को) देखना है, कानों का ज़िना (ह़राम) सुनना है, ज़बान का ज़िना बोलना (या'नी फोह़्श कलाम करना) है, हाथों का ज़िना (ह़राम को) पकड़ना है, पाउं का ज़िना (ह़राम की त़रफ़) चलना है और दिल ज़िना की ख़्वाहिश और तमन्ना करता है और शर्मगाह (प्राइवेट पार्ट) इस की तस्दीक या तक्ज़ीब करती है।" सह़ीह़ मुस्लिम, स. 1141, ह़दीस न. 6754 . . . 💚 Hamara Pyara Îslam 💚

January 18, 2026 501 1