एक बहुत पुरानी कहावत है.
जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है.
राहुल गाँधी पर यह एकदम सटीक बैठ रहा है..... पिछले कुछ दिनों से वह एक मानसिक विक्षिप्त की तरह व्यवहार कर रहे हैं.
पहले पुलिस वालों से धक्का मुक्की करते हैं.. फिर एक महिला पुलिसकर्मी को अभद्रता से छूते हैं..... फिर अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्त्ता को गिरफ्तार होने से बचाने के लिए उसी पर बैठ जाते हैं.
आज अपनी ही पार्टी कार्यकर्त्ता को कोहनी मारते हैं.... अपनी ही पार्टी के कर्नाटक के मुख्यमंत्री को धक्का सा देते हैं
और आज के दिन का खात्मा करते हैं एक महिला पत्रकार को बुरी तरह से धक्का दे लार गिराते हुए.
और इस नमूने को लगता है... कि प्रधानमंत्री का पद इसकी बपौती है.
इसे PM बना दो.. नहीं तो ये ऐसे ही लोगों को सींग मारता रहेगा
इसे PM बनाये हमारी जूती 😁😁
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4October 12, 2026 1.8K 14