जो भारत मे नही हो सका, वो फ्रांस मे हो गया
"स्कूल ठीक करो" के नाम से शुरू हुए इस आंदोलन मे आज पूरा फ्रांस जल रहा है
21 सितम्बर को इसकी शुरूआत टीचर की कमी के नाम पर स्कूल के बच्चों द्वारा करायी गई,जिसमें स्कूल की इमारत,कम टीचर ज्यादा बच्चे,और बुनियादी सुविधाओं के नाम पर बच्चों को सड़क पर उतारा गया
22-25 सितंबर तक धीरे धीरे सोशल मीडिया पर पूरे फ्रांस से ऐसे स्कूलों और बच्चों की वीडियो आनी शुरू हो गई
26-28 सितंबर तक करीब 60 हाई स्कूल मे पढ़ाई पूरी तरह ठप्प हो गई. वामपंथी छात्र संगठनों ने पूरे फ्रांस के सभी छात्रों को इसमे शामिल होने की अपील की
29 सितंबर के बाद मामला हिंसक हो गया,और इसमे अफ्रीकी Migrant शामिल हो गए,जिसके पूरे फ्रांस मे अराजकता का माहौल बनता गया और कल और आज जमकर हिंसा हुई
बिल्कुल यही पैटर्न भारत मे भी चलाने की कोशिश हुई थी,लेकिन सरकार की सूझबूझ और आम नागरिको द्वारा खुद सामने आकर तिलचट्टों के खिलाफ खड़े होने की वजह से भारत मे ये फ्लॉप हो गया
जिसके बाद अब मुद्दा बदलकर एक अलग मुद्दे पर वही प्लान आग बढ़ाने की कोशिश हो रही है
मुद्दा बदला है,एजेंडा नहीं
एजेंडा आग लगाना ही है

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1October 4, 2026 2K