तुम्हे क्या लगा हम 4th इकोनॉमी से 6th में कैसे गिरे? क्योंकि पिछली… — 360 Degrees — TG.ME

तुम्हे क्या लगा हम 4th इकोनॉमी से 6th में कैसे गिरे?

क्योंकि पिछली बार जब जीडीपी आंकड़े आये तो IMF ने कहा कि तुम पुराने मेथड से आंकड़े जारी कर रहे हो, तुम्हे नया बेस ईयर इस्तेमाल करना चाहिए।
2011-12 वाला जीडीपी बेस ईयर जो 2016 में शुरू किया, वो 25-26 तक चल रहा था, तो अब 22-23 वाला बेस ईयर 26-27 से हमने शुरू कर दिया।

इससे बहुत सी चीज एडजस्ट हुई जैसे डबल डिफ्लेशन, जिससे टोटल जीडीपी में भी कुछ लाख करोड़ एडजस्ट हो गए और उतना कम होते ही, हम 4th से 6th में आ गए।
मतलब, पुरानी पद्धत्ति में जब सिंगल डिफ्लेशन मेथड था, तो Q1-26 का नॉमिनल आंकड़ा 86 लाख करोड़ था।
इस बार नए डबल डिफ्लेशन में Q1-27 का आंकड़ा 88.27 लाख करोड़ है।

तो "एक्सपर्ट" चुटीए यही 2 लाख का अंतर 2.6% दिखा रहे।

जबकि मेथड बदल गया तो Q1 26 को भी इसी मेथड से देखना होगा, इसी वजह से तो 4th से 6th पर इकोनॉमी गयी थी, तो तब Q1-26 का आंकड़ा आता है करीब 80 लाख करोड़।

तो अब 80 लाख करोड़ से 88.27 लाख करोड़ में 8 लाख करोड़ से ज्यादा का अंतर है। तो ये आंकड़ा 10.3% है।
Note:- 4th से 6th में रुपया अवमूल्यन और डॉलर outflow जैसे कारक भी थे पर मेन फेक्टर ये नया मेथड था क्योंकि हमारी इकोनॉमी 357 लाख करोड़ से घटकर 345 लाख करोड़ हो गयी थी, यानि 3-4% कम।

लेकिन कुछ चुटीए पिछले साल का क्वार्टर तो पुराने बेस पर ही देख रहे होते हैं और फिर उसे इस क्वार्टर के नए बेस ईयर के कुल लाख करोड़ से कम्पेयर कर बता रहे होते हैं कि ये तो सिर्फ 2.6% बढा है, इसलिए असली ग्रोथ इतनी है।

जबकि ये ऐसा ही है कि आप 10वीं CBSC बोर्ड से किये जहां नम्बर अलग तरह से मिलते हैं और आपके 75% आये, और 12वीं आपने स्टेट बोर्ड से की जहां नम्बर अलग तरह से मिलने के कारण 70% ही आये.. तो आपका चुतिया दोस्त कहने लगे कि तू पढ़ने में कमजोर हो गया है।

हालांकि हकीकत ये है कि 12वीं में स्टेट बोर्ड के 70%, CBSC में 80% नम्बर हैं और यदि 12वीं भी आप CBSC से करते तो आप 10वीं से बेहतर नम्बर ला रहे होते जो 10वीं में 75% ही थे।
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September 2, 2026 1.6K 6