*📚दीनी मालूमात व्हाट्सएप ग्रुप📚*
> दीनी मालूमात में हफ़्ता-वारी सवाल न०: 219 का सही जवाब हाज़िर है।
*सवाल: 👇🏻*
*मुसाफिर की शरई तआरिफ क्या है? और सफर की हालत में नमाज़ का क्या हुक्म होता है?*
*जवाब👇🏻*
जो शख़्स अपने शहर या गाँव से कम से कम साढ़े 57 मील (57⅜ मील) यानी तक़रीबन 92 किलोमीटर या इससे ज़्यादा सफ़र के इरादे से निकले, और किसी जगह 15 दिन या उससे ज़्यादा ठहरने का इरादा ना रखे, उसे शरई मुसाफ़िर कहते हैं।
और जो शख़्स अपने शहर या गाँव में हो, या सफ़र करके किसी जगह 15 दिन या उससे ज़्यादा ठहरने का इरादा कर ले, उसे *मुक़ीम* कहते हैं।
अगर मुसाफ़िर किसी मुक़ीम इमाम के पीछे नमाज़ पढ़े, तो वह पूरी नमाज़ पढ़ेगा (क़सर नहीं करेगा)।
और अगर मुसाफ़िर खुद इमाम हो और मुक़ीम लोग उसके पीछे हों, तो मुसाफ़िर दो रकअत पढ़कर सलाम फेर देगा, फिर मुक़ीम लोग अपनी बाक़ी नमाज़ पूरी करेंगे।
मुसाफ़िर पर नमाज़ में क़सर करना वाजिब होता है। यानी चार रकअत वाली फ़र्ज़ नमाज़ ज़ोहर, अस्र और इशा में दो रकअत पढ़ेगा।
दो रकअत वाली फ़ज्र और तीन रकअत वाली मग़रिब में कोई तबदीली नहीं होगी।
सुन्नत-ए-मुअक्कदा पूरी पढ़नी हैं।
सुन्नत-ए-ग़ैर मुअक्कदा और नफ़्ल, अगर वक़्त हो तो पढ़े, वरना छोड़ देने में कोई हरज नहीं।
*(बहार-ए-शरीअत, हिस्सा 4، नमाज़-ए-मुसाफ़िर का बयान)*
> *47 लोगों ने इस बार सवाल का जवाब देने की कोशिश की। सही और मुकम्मल जवाब देने वाले 8 लोगों के नाम यह हैं।*
*जिनके नाम के आगे गिफ्ट 🎁 का इमोजी है अपना-अपना आधार कार्ड व्हाट्सएप करें।*
*1. 👑 हाफिज मुह़म्मद आतिफ रज़ा, आदर्श नगर, सुल्तानपुर, यूपी 🎁*
*2. 👑 शादमा बानो, बीकानेर, राजस्थान 🎁*
*3. 👑 मुह़म्मद नवासुल अशरफ़ी, मिल्क, कुंदरकी, बिलारी, मुरादाबाद, यूपी 🎁*
4. मुह़म्मद आमिर, नेवरिया हुसैनपुर, पीलीभीत, यूपी।
5. मुह़म्मद जमील शास्त्री बरकाती, लखपेड़ा, बाराबंकी, यूपी।
*6. निशा शाने आलम, ग्वालखेड़ा, बिलारी, मुरादाबाद, यूपी 🎁*
7. नियाज वारिस, कॉस्मोस, मुरादाबाद, यूपी।
8. निजामुद्दीन रज़ा, रामपुर, यूपी।
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