*📌 हर्षत माता का मंदिर*
*👉🏻 स्थान - आभानेरी, दौसा*
*👉🏻 शैली - पंचायतन शैली*
*👉🏻 मूर्तियां प्रारंभिक गुर्जर प्रतिहार कला का प्रतिनिधित्व करती हैं।*
*👉🏻 यह मंदिर मूलतः विष्णु जी का मंदिर है जिसमें भगवान विष्णु की मूर्ति के साथ कृष्ण रूकमणी के पुत्र प्रद्युम्न की मूर्ति स्थापित है।*
*👉🏻 इस मंदिर को 11 वीं सदी में महमूद गजनवी ने नष्ट कर दिया था।*
*👉🏻 NOTE - यह मंदिर हर्षत माता नामक देवी को समर्पित है ।*
*🪶हालाँकि कुछ कला इतिहासकारों का मानना है कि यह मूल रूप से एक वैष्णव मंदिर था।*
*📌सावित्री माता मंदिर*
*👉🏻स्थान - पुष्कर, अजमेर*
*👉🏻पहाड़ी - रत्नागिरी पहाड़ी*
*👉🏻सावित्री - भगवान ब्रह्मा की पत्नी ( अन्य पत्नी - गायत्री )*
*📌 रानी सत्ती का मंदिर*
*👉🏻 स्थान - झुंझुनू*
*👉🏻 यह राजस्थान का सती माता का सबसे बड़ा मंदिर है ।*
*🖌️ रानी सत्ती / दादी जी*
*👉🏻वास्तविक नाम - नारायणी देवी*
*👉🏻 जाति - अग्रवाल*
*👉🏻 मेला - भाद्रपद अमावस्या*
*🪶 माना जाता है कि एक युद्ध के दौरान नारायणी देवी या रानी सती के पति की मौत हो जाती है जिसके बाद रानी सती अपने पति की मौत का प्रतिशोध लेती है और अपने पति के साथ सती हो जाती है।*
*📌 जगत अम्बिका मंदिर*
*👉🏻 स्थान - जगत गांव, उदयपुर*
*👉🏻 निर्माण - अल्लट द्वारा*
*👉🏻 उपनाम - मेवाड का खजुराहो, राजस्थान का दूसरा खजुराहो, राजस्थान का लघु खजुराहो*
*👉🏻 अम्बिका का मंदिर मातृ देवियों को समर्पित होने के कारण शक्तिपीठ कहलाता है ।*
*👉🏻 इस मंदिर में दुर्गा के रूपों में 'महिषासुर मर्दिनी' रूप सर्वप्रमुख है।*
*🪶 NOTE - गर्भगृह में अम्बिका की नई प्रतिमा प्रतिष्ठित की गई है क्योंकि यहां से मूल प्रतिमा काफी पहले चोरी हो गई।*
Forwarded fromSanskrit Surbharti classes
December 14, 2024 672 2