ब्राह्मण समाज के अपमान पर समाजवादी पार्टी को तत्काल माफी मांगनी चाहिए !
समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर लगाया गया वह आपत्तिजनक होर्डिंग अत्यंत निंदनीय है, जिसमें ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को घुटनों के बल बैठा हुआ दिखाया गया है, उसके धार्मिक प्रतीकों त्रिपुण्ड और जनेऊ को प्रदर्शित करते हुए उन्हें ‘चंदा चोरी’ जैसे आरोपों से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
ब्राह्मण समाज की धार्मिक पहचान, आस्था और परंपराओं का इस प्रकार चित्रण करके उसका उपहास करना केवल राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
ब्राह्मण को घुटनों के बल बैठाकर दिखाना, उसके त्रिपुण्ड और जनेऊ को अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत करना—यह किसी भी सभ्य और जिम्मेदार राजनीतिक दल को शोभा नहीं देता।
राजनीतिक विरोध और वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी समाज की आस्था, पहचान और सम्मान को नीचा दिखाना राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक मर्यादाओं का अपमान है।
समाजवादी पार्टी नेतृत्व को इस आपत्तिजनक होर्डिंग पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उसे हटाना चाहिए और ब्राह्मण समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

70
29
4
1
1
1
1September 1, 2026 1.7K 11 3