रक्षाबंधन से पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। देसाईगंज नगरी को-ऑपरेटिव बैंक मर्यादित पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाया गया है। इस बैंक को 27 अगस्त से कामकाज बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा जालना डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड महाराष्ट्र पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बैंक ने केवाईसी समेत अन्य बैंकिंग नियमों का उल्लंघन किया है। दोनों बैंकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने गुरुवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है।
आरबीआई के निर्देशों के तहत अब देसाईगंज नगरी को-ऑपरेटिव बैंक मर्यादित को सेंट्रल बैंक की लिखित मंजूरी के बिना कोई भी लोन या एडवांस देने या रिन्यू करने की अनुमति नहीं होगी। न ही बैंक देनदारी या पेमेंट कर सकता है। समझौता या व्यवस्था करने, प्रॉपर्टी या एसेय को बेचने या ट्रांसफर करने की अनुमति भी नहीं होगी।
रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का मतलब बैंकिंग लाइसेंस रद्द करना नहीं है। स्थिति में सुधार होने तक निर्देश लागू रहेंगे। इस दौरान नियमित तौर पर बैंक के वित्तीय स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
बैंक को निर्देश दिया गया है कि किसी भी जमाकर्ता को करंट अकाउंट या अन्य किसी अकाउंट में कोई भी रकम निकालने की अनुमति न दे। लेकिन कुछ शर्तों के अधीन डिपॉजिट के बदले लोन को सेट ऑफ करने की अनुमति दी गई है। योग्य जमाकर्ता DICGC एक्ट 1961 के प्रावधानों के तहत डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन से अपनी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक की बीमा क्लेम राशि पाने के हकदार होंगे। अमाउंट ग्राहकों की सहमति और उचित सत्यापन के बाद मिलेगा।
PR976F569BCA7BB244599B3D969735A7E7BE4 (https://www.mpbreakingnews.in/wp-content/uploads/2026/08/MpBreakingNews59449060.pdf)
महाराष्ट्र के बैंक पर क्यों लगा जुर्माना?
31 मार्च 2025 तक नाबार्ड द्वारा बैंक के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला करते हुए। नोटिस के जरिए आरबीआई ने बैंक से स्पष्टीकरण मांगा। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप साबित होने पर पेनल्टी लगाने का फैसला दिया गया।
बैंक उधारकर्ताओं की क्रेडिट जानकारी सभी क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों को नहीं दे पाया। इसके अलावा खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा भी कर पाया, जो कम से कम 6 महीने में एक बार होना चाहिए था। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का असर संबंधित बैंक के ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। सभी लेनदेन और एग्रीमेंट पहले की तरह ही जारी रहेंगे।
PR975FB5279F5AB5E4C79A0B3012296678C6F (https://www.mpbreakingnews.in/wp-content/uploads/2026/08/MpBreakingNews30598845.pdf)






