एक ऐसी स्त्री बनना तुम
जो सबसे पहले अपने बारे में सोचे,
जो हर रिश्ते को एक सीमित रेखा तक निभाए,
जो अपनी पहचान कभी ना गवाए,
जो पढ़-लिख कर अपने पैरों पर खुद खड़े
जिसको किसी के सहारे की जरूरत कभी ना पड़े,
जो प्रेम को पूजा समझे
और अपने स्वाभिमान को प्राण बनाए।
जो समाज की ना सुने,
सिर्फ अपने दिल की बातों पर ही गौर फरमाए
एक ऐसी स्त्री बनना तुम।
Happy women's day to all the beautiful women here 🌼🌼



