दिन था गुरुवार का। तारीख 20 दिसंबर, 2018। यह एंजल और मेरे लिए बड़ा… — UPPCS ONE संकल्प से सिद्धि™ — TG.ME

दिन था गुरुवार का। तारीख 20 दिसंबर, 2018। यह एंजल और मेरे लिए बड़ा दिन था, क्योंकि हमने एक साथ सिविल सेवा मुख्य परीक्षा पास की थी। मैं सामान्यतः परीक्षा देने से भयभीत नहीं होता, लेकिन "रिज़ल्ट आ गया", यह सुनते या पढ़ते ही हृदय की धड़कन लगभग डेढ़ गुना रफ़्तार से चलने लगती थी। रिज़ल्ट चाहे प्री का हो, मेन्स का या फाइनल का, मुझे पीडीएफ़ में अपना रोल नंबर सर्च करने की हिम्मत नहीं हो पाती। सच कहूँ तो रिज़ल्ट का नाम सुनते ही हवा टाइट हो जाती थी। या तो मुझे मेरा कोई मित्र पास या फेल की ख़बर देता था, या फिर मैं दो-तीन दिन बाद खुद चेक करता था।

मैंने एंजल का रोल नंबर सर्च किया; उनका मेन्स हो गया था। इसके अलावा शिव सिंह और देवेंद्र का भी हो गया था। तब तक सुमित का कॉल आया, "गिरीश भाई, बधाई हो तुम्हारा और भाभी दोनों का मेन्स हो गया है।" लड़कों में यह पुराना ट्रेंड रहा है कि अगर कोई लड़का किसी लड़की से महीने भर से लगातार टच में रहे तो उस लड़के के सारे फ्रेंड उन्हें भाभी बुलाना शुरू कर देते हैं, भले ही उन्होंने प्रपोज़ भी न किया हो।

"किसकी भाभी की बात कर रहा है?" एंजल ने तपाक से बोला।😊

मुझसे तुरंत कुछ बोलते नहीं बना। फिर दिमाग़ में बत्ती जली और मैंने कहा, "भाई, तेरा नहीं हुआ, इसका दुःख लग रहा है; इस बार जियोग्राफ़ी ने डुबो दिया।" मैंने बात बदलते हुए कहा।
❤182👍21🥰9🔥7💘7🙏4💯4🤗3
September 2, 2026 17.9K 32