वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल, दूर नहीं है; थककर बैठ गए क्या भाई!… — UJJWAL IAS AYODHYA®™ — TG.ME

"वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल, दूर नहीं है;
थककर बैठ गए क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है।"
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September 1, 2026 1.1K 2