मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर पीठ) के निर्णय का सारांश केस विवरण… — Success Classes By Amit Dhakad — TG.ME

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर पीठ) के निर्णय का सारांश


केस विवरण: रिट अपील क्र. 1769/2026 (सुरवेंद्र बनाम मध्य प्रदेश राज्य व अन्य) एवं अन्य संबंधित अपीलें। पीठ: न्यायमूर्ति आनंद पाठक एवं न्यायमूर्ति बी. पी. शर्मा। निर्णय तिथि: 8 जुलाई, 2026।

मामले की पृष्ठभूमि:

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की थी।

नियम पुस्तिका (क्लॉज 7.7) के अनुसार, केवल भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) से मान्यता प्राप्त स्पेशल D.El.Ed. योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को 5% बोनस अंक दिए जाने थे।

कई ऐसे उम्मीदवारों ने भी ऑनलाइन फॉर्म में "YES" चुन लिया, जिनके पास RCI डिप्लोमा नहीं था, जिसके चलते उन्हें 5% बोनस अंक मिल गए।

अपीलकर्ताओं का तर्क:

उम्मीदवारों का कहना था कि RCI का पूर्ण विवरण न होने के कारण फॉर्म में गलती से "YES" का चयन हो गया था।

उन्होंने बोनस अंकों को हटाकर केवल उनके वास्तविक अंकों के आधार पर चयन प्रक्रिया में विचार करने की मांग की थी।

उच्च न्यायालय का निष्कर्ष व मुख्य बिंदु:

संशोधन के पर्याप्त अवसर: अदालत ने पाया कि बोर्ड और विभाग द्वारा उम्मीदवारों को त्रुटि सुधार के लिए तीन अलग-अलग अवसर दिए गए थे। इसके बावजूद अपीलकर्ताओं ने सुधार विंडो का लाभ नहीं उठाया।

धोखाधड़ी/गलत बयानी: तीन बार मौका मिलने के बाद भी विवरण सही न करने को केवल अनजाने में हुई चूक नहीं माना जा सकता; यह 5% अतिरिक्त अंकों का अनुचित लाभ लेने के लिए दी गई गलत जानकारी (धोखाधड़ी) प्रतीत होती है।

प्रक्रिया की शुचिता: परिणाम जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को दोबारा खोलने से मेरिट सूची बाधित होगी और सही विवरण भरने वाले योग्य उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित होंगे।

अंतिम निर्णय:

खंडपीठ ने सिंगल जज के आदेश को सही ठहराते हुए सभी रिट अपीलों को निराधार मानकर खारिज (Dismiss) कर दिया।
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August 18, 2026 16K 9