भारत में मताधिकार और निर्वाचित होने का अधिकार
मूल अधिकार है
नैसर्गिक अधिकार है
संवैधानिक अधिकार है
विधिक अधिकार है
[IAS 2017]
इस प्रश्न का उत्तर यूपीएससी ने 'संवैधानिक अधिकार' माना है।
जबकि वोट डालने का अधिकार अनुच्छेद 326 के अंतर्गत एक संवैधानिक अधिकार है, और चुनाव लड़ने या निर्वाचित होने के संबंध में संविधान में कोई प्रत्यक्ष अनुच्छेद नहीं है। निर्वाचन से संबंधित प्रावधान 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' में दिए गए हैं, इस आधार पर निर्वाचित होना एक वैधानिक अधिकार है।
इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों [Kuldip Nayar v. Union of India (2006)] में वोट डालने के अधिकार को वैधानिक अधिकार कहा गया है।
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1August 3, 2026 5.7K 12