प्रिय JOINING LETTER ❤️ मैं तुम्हारा उतना इंतज़ार कर रहा/रही हूँ जितना एक कैदी अपनी रिहाई की सुबह का करता है,जितना इंतज़ार ससुराल में बैठी बहन राखी पर अपने भाई की आहट का करती है,जितना इंतज़ार बरसों से प्यासा खेत पहली बारिश की बूंदों का करता है,जितना इंतजार सीमा पर खड़ा सैनिक उस छुट्टी के आदेश का करता है जो उसे माँ की गोद तक पहुँचा दे,जितना इंतज़ार अस्पताल के बाहर बैठा पिता ऑपरेशन थिएटर से आने वाली एक मुस्कान भरी ख़बर का करता है जितना इंतज़ार परदेस गए बेटे की राह में माँ रोज़ चौखट पर नज़रें बिछाए बैठी रहती है जितना इंतज़ार किसान आसमान में उमड़ते पहले काले बादल का करता है…उतना ही इंतज़ार है मुझे उस एक PDF का जिसमे लिखा होगा नाम मेरा ..उतना ही इंतज़ार है मुझे उस जॉइनिंग लेटर का ❤️ हर मेहनती परीक्षार्थी की कलम से ❤️ *एक छोटा सा मोटिवेशन*
August 6, 2026 8.2K