घर से दूर रहना, अपनों को छोड़ना, आराम और नींद से समझौता करना… यह सब आपने यूँ ही नहीं चुना है। इसके पीछे एक सपना है, एक लक्ष्य है और परिवार की आपसे जुड़ी ढेरों उम्मीदें हैं।
तैयारी के दौरान कभी मन भटके, पढ़ाई से ऊब हो या लगे कि अब नहीं हो पाएगा, तो बस खुद से पूछना—
“मैं यहाँ क्यों हूँ?”
यकीन मानिए, यह एक सवाल आपको फिर से किताबों तक ले आएगा।
आज का संघर्ष कुछ समय का है, लेकिन सफलता से मिलने वाला सम्मान वर्षों तक आपके और आपके परिवार के चेहरे पर मुस्कान बनकर रहेगा।
इसलिए थक जाना… थोड़ा रुक जाना… लेकिन अपने लक्ष्य से भटकना मत।
क्योंकि जिस दिन आपका नाम चयन सूची में होगा, उस दिन आज की हर परेशानी बहुत छोटी लगेगी।
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1August 30, 2026 3K 15