धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय। माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय॥ प्यारे विद्यार्थियों, जैसे माली सौ घड़े पानी एक दिन में डाल दे, तो भी फल ऋतु आने पर ही लगता है, वैसे ही सिलेबस एक रात में पूरा नहीं होता। रोज़ का छोटा-सा अभ्यास, हर दिन का रिवीजन ही धीरे-धीरे आपको मंज़िल तक पहुंचाएगा। जल्दबाज़ी में घबराइए मत, बस निरंतर सींचते रहिए। आपकी मेहनत की ऋतु भी आएगी, और परिणाम का फल ज़रूर मिलेगा। 🌱
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1August 14, 2026 6.4K 10