क्यों नहीं है मुकद्दर में मेरे, जो औरों के है, यही सवाल हर उस के मन में है जिसकी पढ़ाई जोरों पर ह मेहनत हम करें फ़िर भी क्यों इनायत औरों पर है , यही सवाल हर नादान दिल में जोरों पर है, पर गर इतना इल्म तुझे है कि जो तेरे मन में चल रहा है वही सवाल क्यों ज़बान पर औरों के है, तो कोई शिकवा नहीं रहेगा कि क्यों जो तुम्हारे साथ हो रहा है वो जहन में औरों के भी है चलते रहो चलते रहो
December 29, 2025 46