गोविंद गिरी का जन्म 20 दिसंबर 1858 को बासिया गांव( डूंगरपुर) के… — GK with Raseed chouhan — TG.ME

गोविंद गिरी का जन्म 20 दिसंबर 1858 को बासिया गांव( डूंगरपुर) के बंजारा परिवार में हुआ था। गुरु का नाम साधु राजगिरी था। महर्षि दयानंद सरस्वती की प्रेरणा से इन्होंने अपना जीवन देश और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। गोविंद गिरी के नेतृत्व में अक्टूबर 1913 में भीलों ने मानगढ़(बांसवाड़ा) में एक सभा की। जिसको 104 विलेजली राइफल ,सातवीं राजपूत रेजीमेंट व मेवाड़ भील कोर ने घेर लिया। 17 नवंबर 1913 ई को इस सभा पर कर्नल शटन के नेतृत्व में गोलीबारी की गई जिसमें 1500 स्त्री पुरुष मारे गए। इस घटना को राजस्थान का दूसरा जलियांवाला बाग हत्याकांड कहा जाता है। इस घटना के बाद गोविंद गिरी को मौत की सजा सुनाई गई थी लेकिन बाद में उसको आजीवन कारावास में परिवर्तित कर अहमदाबाद जेल में भेज दिया गया । 1923 में इनको जेल से मुक्त किया गया तो वह भील सेवा सदन झालोद के माध्यम से सेवा कार्य करने लग गए । 30 अक्टूबर 1931 को ग्राम कंबोई (गुजरात) में इनका देहांत हो गया

September 12, 2025 43