एक समय देशभर में टॉप में गिनी जाने वाली राजस्थान यूनिवर्सिटी को एक सिस्टेमेटिक तरीके से बर्बाद किया गया। जिस यूनिवर्सिटी में 949 टीचर्स होने चाहिए थे, उनके सिर्फ 394 टीचर्स है, उनमें भी सिर्फ 2 प्रोफेसर्स और सिर्फ 19 एसोसिएट प्रोफेसर्स है। बाकी 373 असिस्टेंट प्रोफेसर्स। 60% पद खाली। लेकिन अब, इस यूनिवर्सिटी को एक लेवल और नीचे गिराने की तैयारी है। अब असिस्टेंट प्रोफेसर्स की जगह संविदा पर Teaching Associates लगाए जायेंगे। बहुत साफ़ है कि यह सरकार नहीं चाहती कि तुम पढ़ो, पढ़ो तो स्थाई रोजगार नहीं मांगना और तुम अनपढ़ रहकर इनके ग़ुलाम बनो। रीलबाज़ी और फालतू के मुद्दों में उलझ कर आपस में लड़ते रहो। आज हम एक निर्णायक मोड़ पर खड़े है। यहाँ से एक रास्ता हमें आबाद करेगा और एक रास्ता पूरी तरह बर्बाद करेगा। फ़ैसला तुम्हें करना है। कोई भी सविंदा पद पर 2 साल से ज्यादा काम करता है उसे स्थाई रोजगार देना चाहिए, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में सविंदा पद समाप्त होना चाहिए रोजगार हो तो स्थाई हो, सविंदा पर पुरा जीवन नरक बन जाता है। https://www.instagram.com/reel/DXyWKaQJhlb/?igsh=d3o3MHpqNjd0cm45
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July 26, 2026 6.8K