आज के समय में जिनसे पढ़ते, सीखते हैं....उसी की आलोचना करने में समय गंवाने वाले दौर में हम वो आखिरी पीढ़ी है, जिन्होंने गुरु - गुरु में कभी भेद नहीं किया, गुरु के ज्ञान पर कभी संदेह नहीं किया, सदैव सम्मान किया। जिनसे कुछ भी सीखा सदैव आभार व्यक्त किया। किंतु आज " गुरु गुड रह गया, चेला शक्कर बन गया।"
संसार में हर वो जड़ - चेतन जिससे हम सीखते हैं, हमारा गुरु है।
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं💐

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3July 29, 2026 23.7K 4