विश्वविद्यालय का प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए अजीबोगरीब फैसलों का सहारा ले रहा है। ‘एआई फॉर ऑल’ की ऑनलाइन आंतरिक परीक्षा कई प्रयासों के बावजूद सर्वर की खराबी के कारण पूरी नहीं हो सकी। अब अपनी इस तकनीकी विफलता को स्वीकार करने के बजाय परीक्षा समिति ने एक्सटर्नल परीक्षा को ही पूर्ण अंकों का आधार मानकर पल्ला झाड़ लिया है। बड़ा सवाल यह है कि जब अंत में यही करना था, तो छात्रों से ₹300 का अतिरिक्त शुल्क क्यों लिया गया और उन्हें हफ्तों तक मानसिक तनाव में क्यों रखा गया? वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होने का दम भरने वाले संस्थान का ऐसा तकनीकी ढांचा बेहद शर्मनाक है।
अंकित अधाना
पूर्व महामंत्री , छात्र संघ
August 29, 2026 1.3K