.........।।श्री गणेशाय नमः।।........ ।। ऊँ नमः शिवाय।। ।।श्री धनवंतरी नमः ।। ।।जय महावीर जी जय जिन्नेद्र।। *धनतेरस की शुभकामना* धनतेरस का आयुर्वेद में महत्व धनतेरस यह पर्व कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। धनतेरस, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार, आयुर्वेद में भी विशेष स्थान रखता है: १. *धनवंतरी* : धनतेरस भगवान धनवंतरी के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो स्वास्थ्य और औषध के देवता हैं। २. *स्वास्थ्य और धन* : धनतेरस दिवाली का शुभारंभ करता है, जो प्रकाश का अंधकार पर, अच्छाई का बुराई पर और स्वास्थ्य का रोग पर विजय का प्रतीक है। ३. *शारीरिक और मानसिक शुद्धि* : यह त्योहार शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शुद्धि का संदेश देता है। ४. *ऋतु परिवर्तन* : धनतेरस शरद ऋतु में पड़ता है, जब पित्त से वात की प्रभावशीलता बदल रही होती है। यह शोधन ऋतू है। इस ऋतू में किया गया पंचकर्म प्रकुपित दोष का शमन कर के सम अवस्था प्रदान करता है।
श्री गणेशाय नमः।।........ ।। ऊँ नमः शिवाय।। ।।श्री धनवंतरी नमः ।।… — Ayurveda Notes BAMS — TG.ME
October 29, 2024 4.2K