मोहब्बत का दस्तूर निभा रहे थे नऐ साल पर सारे पुराने ख़त जला रहे थे… — ⏤͟͟͞͞⍣⃝❤️⃟🔊 ⃟𝗦𝐡𝐚𝐲𝐚𝐫𝐢⍣⃪͜⍣𝕨𝕠𝕣𝕝𝕕 ⃪🤍 ̶͢ ̶꯭𝅥ͦ𝆬 ⃪𝄄𝄀⟶⋆ — TG.ME

मोहब्बत का दस्तूर निभा रहे थे
नऐ साल पर सारे पुराने ख़त जला रहे थे

दिल में इतना दर्द समेटे हुए भी
ना‌ चाहते हुए मुस्कुरा रहे थे
~v~
April 3, 2026 723