जुआ कभी किसी का नहीं हुआ.... पहला सच यही है। उसके बाद जितनी रील या डायलॉग है। सब झूठ है। क्योंकि बड़े बूढ़े बहुत सोच समझ के और नाप तोल कर कोई बात बोलते थे। और जो बोलते थे। उनमें सच होता था। इमरान हाशमी के जन्नत फिल्म के डायलॉग वो रील लाइफ़ है। रियल लाइफ से उसका कोई लेना देना नहीं है। असल जिंदगी में एक जुआरी की जिंदगी में टेंशन, डिप्रेशन, कर्ज़, तकलीफ़ के सिवा कुछ नहीं मिलेगा। अगर आपके आस पास कोई एक ऐसा जुआरी ढूंढ के ला दो। जो चेन की नींद सोता हो। जिसके घर में उसकी इज्जत हो। मौहल्ले वाले उसे सम्मान देते हो। तो मेरी मत सुनना जुए में अपना भविष्य पूरी लगन से तलाश करो। लेकिन अगर ऐसा कोई नज़र नहीं आ रहा। तो खुद ही समझ जाओ बर्बादी की तरफ बढ़ रहे हो। एक जुआरी की जिंदगी वेंटिलेटर पे पड़े उस बीमार की तरह होती है। जो साँसे तो ले रहा है। लेकिन कर्ज की साँसें। वक्त रहते खुद में सुधार ले आओगे तो शायद जिंदगी एक नया मौका दे दे आपको... अगर वक्त ने सुधारा तो संभालने के सारे रस्ते बंद मिलेंगे। जिन टिप्पर को आप फॉलो करके अपने खून पसीने की कमाई लुटा देते हो। उनमें से 99% खुद हार हार के कर्ज में डूबे हुए है। कोई अपनी लाइफ टाइम की सेविंग हरा हुआ हैं। तो कोई प्रमोशन के अगले 6 महीने की पेमेंट एडवांस ले कर। छोटे टिप्पर लाखों का कर्ज लिए घूम रहे है। तो बड़े टिप्पर अपने नाम की वजह से करोड़ों का कर्ज़ ले कर जिंदगी जी नहीं रहे हैं। घसीट रहे है। असल जिंदगी का सच बहुत कड़वा है। टिप्पर का भी। आप जो देखते हो। बड़ी गाड़ी, अच्छा घर, विदेशों में घूमना वो सब कर्ज और भाड़े का होता है। ताकि आप अपनी खून पसीने की कमाई उस चमक में आ के उनके हवाले कर दो। 90% टिप्पर तो सुसाइड कर चुके होते अब तक अगर बुक के प्रमोशन से उन्हें पैसा ना। आ रहा होता। मै भी एक टिप्पर हूँ । और मेरी सच्चाई भी उनके ही जैसी है। बस थोड़ी सी अलग है। कोई बड़ा कर्ज नहीं ले कर जिंदगी गुजारता हूँ। टिपिंग के अलावा कुछ बिज़नेस में इन्वेस्ट किया हुआ है। तो इनकम ठीक ठाक है। रही बात जुए की तो। मेरा खुद का लाइफ टाइम लॉस अगर सच कहूँ तो 400cr था एक वक्त मे। लेकिन आज उसमें 80% मै कवर कर चुका हूँ। और 4 महीने पहले तो पूरा कवर करके 50-100cr प्रॉफिट में आ गया था और ऐसी देहशत फैला दी थी बुकी लॉबी में की खिलाते हुए रूह काँप रही थी बुकियों की। लेकिन जुआरी की गांड में चुल होती है। ना वो शांत नहीं बैठ ता। आपके भी वो ही चुल है। और मेरे भी। मै भी आपको जुए से दूर रहने के चाहे जितने भाषण दे दूँ। लेकिन खुद की बारी आये तो रिजल्ट वो ही है। जो आपका है। हजार कोशिश के बाद भी नहीं छूट ता। हमारी मिसाल उस डॉक्टर के जैसी हैं। जो आपको तो हजार परहेज़ बता देंगे लेकिन खुद वो परहेज़ नहीं करते। लेकिन एक चीज और मेरी रिकवरी के चांस 75% है। बाकी टिप्पर या आपके 0% है। क्योंकि मै एक बार रिकवरी से प्रॉफिट तक का सफ़र देख चुका हूँ। लेकिन आज तक किसी टिप्पर ने या अपने रिकवरी को दहलीज़ पार नहीं की होगी। क्योंकि मै क्रिकेट में 2% जुआ करता हूँ। बल्कि करता ही नहीं हूँ। किन्हीं 10-20 मैच में से एक मैच में धंधा करता हूँ। मेरा एक गेम पे सालों का तजुर्बा है। और दिन बा दिन मेरा वो गेम पॉलिश हो रहा। इसलिए हुआ करता हूँ। उसमें जिस दिन लगेगा रिजल्ट 0% उसी दिन छोड़ दूंगा। क्योंकि हुआ मेरी लत नहीं बस शौक है। जो लास्ट 2 साल से खेलना स्टार्ट किया है। स्टार्ट के लगभग 10 साल सिर्फ टिपिंग की कभी जुआ नहीं खेला तभी इतनी सेविंग कर पाया था जो कि अब मैं। 2 साल में 10 की सेविंग का 80% से चुका हूँ। जब तक नहीं खेलता था ज़िन्दगी सुकून से थी काम भी अच्छा था। जब से खेलना शुरू किया काम भी खराब हुआ। और पैसा भी। खैर इतनी बड़ी पोस्ट का मक़सद यही है। की दूर हो सकते हो तो हो जाओ। ऊपर वाले ने बरकत सिर्फ़ मेहनत में रखी है। शॉर्टकट में सिर्फ तक़लीफ़ और अंधेरा है। बदकिस्मती से मै भी इसी गंदगी का हिस्सा हूँ । लेकिन दुआ करता हूँ। कोई इसका हिस्सा ना हो। #BK_REPORTS
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August 21, 2026 994