मैं ना किसी का भक्त हूँ, ना किसी का चमचा। मेरी विचारधारा किसी 'Left' या 'Right' के दायरे में कैद नहीं है। मैं खुद को उस 'Top' के स्थान पर रखता हूँ, जहाँ से नीचे चल रही इस राजनीति और भेड़चाल को बिना किसी रंगीन चश्मे के, बिल्कुल साफ देखा जा सके।
जो सही है, उसे सही कहना और जो गलत है, उसे गलत बोलना—यही एक स्वतंत्र विचारक की असली पहचान है। किसी का अंधभक्त बनने से बेहतर है कि हम अपनी तर्क, बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल करें।
जय हिन्द।
इंकलाब ज़िंदाबाद।
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1July 20, 2026 3.7K 2