NCISM के 'बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन' को 'इंटीग्रेटेड मेडिकल… — BAMS TRICKY STUDIES — TG.ME

NCISM के 'बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन' को 'इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन - आयुष' की तरफ से एक ईमेल प्राप्त हुआ था, जिसमें इन चिकित्सकों द्वारा जारी फिटनेस सर्टिफिकेट के बारे में चिंता व्यक्त की गई थी (संभवतः एयर इंडिया द्वारा उन्हें स्वीकार न करने को लेकर)। कानूनी अधिकार (NCISM एक्ट 2020): पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संसद द्वारा पारित NCISM अधिनियम, 2020 की धारा 34 (1) (c) के तहत, आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा के चिकित्सक किसी भी मेडिकल या फिटनेस सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर करने या उसे सत्यापित करने के लिए पूर्ण रूप से हकदार (Entitled) हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोई अन्य योग्य एलोपैथिक डॉक्टर होता है। मान्यता प्राप्त डिग्री: अधिनियम की धारा 2(h) और 35 के अनुसार, B.A.M.S, B.U.M.S, B.S.M.S और B.S.R.M.S मान्यता प्राप्त चिकित्सा योग्यताएं हैं और इन्हें रखने वाले व्यक्ति भारतीय चिकित्सा पद्धति में प्रैक्टिस करने के लिए लाइसेंस प्राप्त हैं। न्यायालय का आदेश: पत्र में कलकत्ता उच्च न्यायालय (2023) के एक आदेश का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि "पंजीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सक मेडिकल या फिजिकल फिटनेस सर्टिफिकेट देने के हकदार होंगे।"

July 7, 2026 3.7K