हम भूल जाएं तुमको इतनी मुझमें जुर्रत कहाँ तुम याद कर लो हमें इतनी तुमको फुर्सत कहाँ तुम्हारे चारों तरफ तो हैं तुम्हारे चाहने वालों का मेला तुम्हे हम जैसे तन्हों की अब जरूरत कहाँ
November 10, 2025 3.4K 3
हम भूल जाएं तुमको इतनी मुझमें जुर्रत कहाँ तुम याद कर लो हमें इतनी तुमको फुर्सत कहाँ तुम्हारे चारों तरफ तो हैं तुम्हारे चाहने वालों का मेला तुम्हे हम जैसे तन्हों की अब जरूरत कहाँ