आज श्री ऋग्वेदीय पुरी मठ के पीठाधीश्वर, अनन्त विभूषित, परम पूज्य श्री श्री जगद्गुरु पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन प्राकट्योत्सव का परम मंगलमय दिवस है, जिसे हम सभी श्रद्धापूर्वक श्री राष्ट्रोत्कर्ष दिवस के रूप में मनाते हैं।
परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज जीवन्मुक्त महापुरुष हैं तथा असंख्य श्रद्धालु उन्हें भगवान सदाशिव की दिव्य कृपा, तेज एवं अवतार-स्वरूप के रूप में वंदित करते हैं। उनके अद्वितीय तपोबल, अतुलनीय ज्ञान, अडिग संकल्प, निर्भीक धर्मसंघर्ष एवं दिव्य मार्गदर्शन के प्रभाव से ही आज अत्यन्त विषम एवं विकट परिस्थितियों में भी सनातन धर्म की ज्योति अखण्ड प्रज्वलित है और हिन्दू समाज में धर्म-जागरण, आत्मगौरव तथा राष्ट्रचेतना का सतत् संवर्धन हो रहा है।
ऐसे दिव्य तपस्वी, युगद्रष्टा, धर्मसंरक्षक एवं विश्ववन्दनीय महात्मा के श्रीचरणों में हम अपनी अनन्त कोटि-कोटि साष्टाङ्ग प्रणाम एवं श्रद्धासुमन समर्पित करते हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पूज्य गुरुदेव का दिव्य आशीर्वाद, करुणामयी कृपा तथा धर्ममय मार्गदर्शन सदैव सम्पूर्ण हिन्दू समाज पर बना रहे। उनके पावन सान्निध्य एवं प्रेरणा से भारत पुनः अपने प्राचीन वैभव, आध्यात्मिक महिमा और सांस्कृतिक गौरव को प्राप्त करते हुए एक भव्य, दिव्य, अखण्ड हिन्दू राष्ट्र के रूप में विश्व का पथप्रदर्शक बने।
एक बार पुनः आप सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी बन्धुओं को श्री राष्ट्रोत्कर्ष दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलमय बधाइयाँ।
🔱🌺 ॥ जय श्रीराम ॥ 🌺🔱
🔱🌺 ॥ जय हिन्दू राष्ट्र ॥ 🌺🔱
