𝐒𝐡𝐚𝐲𝐚𝐫𝐢𝐬𝐚𝐡 ꨄ︎: post #11005 — TG.ME

हाथ का मज़हब नहीं देखते परिंदे,
जो भी दाना दे, खुशी से खा लेते हैं...!
भूख, मोहब्बत और इंसानियत का
कोई धर्म नहीं होता..!!


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