2016 में जब SIFY आया था, तभी से Remote Desktop/Remote Access वाली गड़बड़ियों की चर्चा शुरू हुई थी।
फिर 2017-18 में SSC का अब तक का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन हुआ। उसके बाद SIFY को हटाकर TCS को जिम्मेदारी दी गई। TCS की सबसे बड़ी मजबूती यह थी कि उसके अपने TCS iON Labs थे — बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित सिस्टम और अपेक्षाकृत भरोसेमंद परीक्षा केंद्र।
लेकिन पता नहीं SSC को क्या हुआ कि नए टेंडर में कुछ पैसे बचाने के चक्कर में परीक्षा व्यवस्था ऐसे हाथों में चली गई, जहाँ अब लगभग हर परीक्षा में Remote Access, hacking और cheating racket जैसी खबरें सामने आ रही हैं।
सरकारी नौकरियों में वैसे ही vacancies कम आती हैं। अगर उनमें भी मेहनती और genuine छात्रों की सीटें ऐसे चोर लोग छीन लें, तो एक ईमानदार छात्र आखिर करे तो क्या करे?
यह सिर्फ एक exam leak या cheating की खबर नहीं है।
यह लाखों गरीब और middle-class परिवारों के सपनों पर हमला है।
SSC को तुरंत सख्त action लेना चाहिए (लेगा नहीं, बोलेगा बहुत कम ऐसे केस हैं):
✅ संदिग्ध centres की जांच हो
✅ Remote access cheating पर High-level investigation हो
✅ दोषी centre owners और candidates पर lifetime ban लगे
✅ परीक्षा agencies की accountability तय हो
✅ Future exams केवल highly secured centres पर कराए जाएं
मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय बंद होना चाहिए।
#SSCGD