*सांख्य दर्शन – Short Notes 📝*
1. बेसिक
- *संस्थापक*: महर्षि कपिल
- *ग्रंथ*: सांख्य कारिका - ईश्वरकृष्ण
- *मत*: आस्तिक, निरीश्वरवादी
- *अर्थ*: "संख्या" = तत्वों की गणना करके समझना
2. मूल सिद्धांत - द्वैतवाद
पूरी सृष्टि 2 तत्वों से बनी:
1. *पुरुष* - चेतन, आत्मा, द्रष्टा, निष्क्रिय
2. *प्रकृति* - अचेतन, मूल माया, सक्रिय, त्रिगुणात्मक
3. त्रिगुण सिद्धांत
प्रकृति में 3 गुण:
- *सत्त्व* - ज्ञान, सुख, प्रकाश
- *रजस्* - क्रिया, दुख, गति
- *तमस्* - जड़ता, मोह, अंधकार
4. 25 तत्व
*1 पुरुष + 1 प्रकृति + 23 विकृति = 25 तत्व*
क्रम: प्रकृति → महत्तत्व/बुद्धि → अहंकार → मन → 5 ज्ञानेन्द्रिय → 5 कर्मेन्द्रिय → 5 तन्मात्रा → 5 महाभूत
5. दुख और मोक्ष
- *दुख का कारण*: अविद्या - खुद को शरीर समझ लेना
- *मोक्ष*: विवेक ज्ञान से पुरुष-प्रकृति का भेद समझ जाना = *कैवल्य*
6. खास बातें
- *निरीश्वरवादी*: सृष्टि बिना ईश्वर के चलती है
- *विकासवाद*: प्रकृति से क्रमशः सृष्टि का विकास होता है
- *योग का आधार*: पतंजलि का योग दर्शन सांख्य पर ही टिका है
June 24, 2026 1K 3